जोधपुर : भाद्र माह की शुक्ल पक्ष की द्वितीया, जिसे स्थानीय भाषा में बीज कहा जाता है, यह सोमवार होने से मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर और उनके गुरु बालीनाथ की समाधि पर मेला शुरू हो गया. रविवार अलसुबह समाधि पर रुद्राभिषेक किया गया. इसके पश्चात 108 दीपक से बाबा की महाआरती की गई. इसके लिए रात से ही शहर और आस पास के इलाकों से लोगों का पहुंचना शुरू हो गया. सोमवार को जिला कलेक्टर ने जोधपुर जिले में स्थानीय अवकाश भी घोषित किया है. सुबह 11 बजे विधिवत रूप से झंडा चढ़ाया जाएगा.
मसूरिया मंदिर ट्रस्ट के नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि लोक देवता का 9 दिवसीय मेला आधिकारिक रूप से शुरू हो गया. यूं तो इस दिन पूरे प्रदेश में स्थित बाबा रामदेव के मंदिरों में मेलों का आयोजन होता है, लेकिन सबसे ज्यादा महत्व जैसलमेर के रामदेवरा के साथ-साथ जोधपुर के मसूरिया मंदिर की है. जोधपुर के मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में श्रद्धालुओं का आना रविवार रात को ही शुरू हो गया. सुबह 4 बजे तक पूरा परिसर भर गया. आकर्षक रोशनी से सजे मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में गुरु बालीनाथ मंदिर परिसर में अलसुबह 4.15 बजे 108 जोत से महाआरती की गई.
अभी तक दस लाख श्रद्धालु पहुंचे : ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार पिछले 20 दिनों में मसूरिया मंदिर स्थित बालीनाथजी की समाधि स्थल पर 10 लाख से ज्यादा शहर सहित देशभर के श्रद्धालु दर्शन का चुके हैं. ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र चौहान ने बताया कि आज बाबा रामदेव की बीज के एक ही दिन में 2 लाख से ज्यादा शहर के दर्शनार्थ शामिल होंगे. इसके लिए 300 से ज्यादा पुजारियों, कार्यकर्ताओं, 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी सहित 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से मॉनिटरिंग की जा रही है. पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
दशमी तक चलेगा मेला : रामदेवरा में बाबा रामदेव का मेला दशमी तक चलता है. इस दौरान जोधपुर के मसूरिया में भी लोगों का आना लगा रहता है, क्योंकि मान्यता है कि बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ की समाधि यहां पर है, जिनके दर्शन के बगैर मनोकामना पूर्ण नहीं होती है. रामदेवरा के साथ-साथ जोधपुर में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. आज से शहर के सभी प्रमुख रामदेव मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम : मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस लगातार सक्रिय नजर आई. खुद कलेक्टर गौरव अग्रवाल, डीसीपी विनीत बंसल ने भी यहां दौरे किए. यहां श्रद्धालुओं का प्रवेश और उनके बाहर जाने के रास्तों के अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई. इसके अलावा आपातकालीन रास्ता भी बनाया गया. साथ ही 24 घंटे मंदिर खोलने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे भीड़ जमा नहीं हो.
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धौलपुर में बाबू महाराज मंदिर पर लक्खी मेले का आयोजन : जिले भर के बाबू महाराज के मंदिरों पर दौज के अवसर पर मेले का आयोजन किया जा रहा हैं. सबसे ज्यादा भीड़ चितौरा एवं कुदिन्ना थूम के मंदिर पर देखी जा रही है. रविवार सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिरों पर पहुंच रही है. भारी तादाद में कांवड़िए भी कावड़ लेकर मंदिरों पर पहुंच रहे हैं.
गौरतलब है कि बाबू महाराज को लोक देवता माना जाता है. धौलपुर जिले में बाबू महाराज के दर्जनों मंदिर स्थापित है. इन मंदिरों में बाबू महाराज की अखंड ज्योति की पूजा-अर्चना की जाती है. चितौरा स्थित बाबू महाराज के मंदिर पर कुंड में स्नान करने से कुष्ठ रोगों का भी निवारण होता है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान से भारी तादाद में श्रद्धालु रात्रि को पहुंचते हैं, जिनकी बाबू महाराज के दरबार में अर्जी लगाई जाती है. बाबू महाराज के भगत द्वारा लगाई गई अर्जी को सुनाया जाता है. बाबू महाराज के मंदिरों पर बूरा एवं शर्करा का भोग लगाने की प्रथा है
जैसलमेर में रामदेवरा मेले का विधिवत शुभारंभ : लोक देवता बाबा रामदेव के विश्वविख्यात मेले का 641वां पर्व शनिवार को रामदेवरा में विधिवत रूप से शुभारंभ हुआ. अलसुबह मंगलाआरती के साथ बाबा रामदेव की समाधि का मुख्य द्वार खोला गया और पूरा निज मंदिर परिसर ‘बाबा के जयकारों’ से गूंज उठा. पुजारी पं. कमल किशोर छंगाणी की ओर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत, दूध, दही, शहद, इत्र और गंगाजल से बाबा का अभिषेक किया गया. स्वर्ण मुकुट धारण और ध्वजारोहण के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई. भादवा सुदी बीज पर बाबा रामदेव के दर्शन के लिए दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी.
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने बताया कि प्रशासन ने इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं. जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसके अलावा हर बार के मुकाबले इस बार अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर पुलिस द्वारा हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है. वहीं, एडीएम परसराम ने बताया कि मेले के दौरान पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है. मेला मजिस्ट्रेट लाखाराम चौधरी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी.




















