जयपुर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2022 के चित्तौड़गढ़ विस्फोटक बरामदगी मामले में अहम आरोपी फिरोज खान के खिलाफ पूरक आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की. फिरोज को इस साल अप्रैल में गिरफ्तार किया था. वह तीन साल से फरार था.
एनआईए के प्रेस बयान के अनुसार, फिरोज खान पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), Explosive Substance Act और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की कई धाराओं में आरोप लगाए हैं. उसके खिलाफ मुख्य आरोप पत्र के साथ एनआईए की विशेष अदालत जयपुर में पूरक चार्जशीट भी दाखिल की है. गौरतलब है कि अदालत ने फिरोज खान को पहले ही प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर (घोषित अपराधी) घोषित कर दिया था. उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था.
साजिश में शामिल था आरोपी: एनआईए जांच में सामने आया कि फिरोज ने इस मामले में कई अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर विस्फोटकों और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाने में प्रयुक्त उपकरणों की खरीद और योजना में सक्रिय भूमिका निभाई थी. वह मार्च 2022 में हुई साजिश बैठकों में शामिल रहा. सह-आरोपी इमरान खान के निर्देश पर रासायनिक पदार्थों की खरीद भी की थी. इनका प्रयोग आईईडी बनाने में किया गया.
11 आरोपियों के खिलाफ पेश हो चुकी चार्जशीट: इससे पहले, सितंबर 2022 में एनआईए ने इस केस में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. यह मामला अप्रैल 2022 में दर्ज किया था. इसके अलावा नवंबर 2023 में भी एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया था. 2022 का चित्तौड़गढ़ विस्फोटक मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला रहा है. फिरोज खान की गिरफ्तारी और अब उस पर चार्जशीट दाखिल होना इस मामले की जांच को निर्णायक मोड़ की ओर ले जा रहा है. आने वाले समय में इस केस से जुड़े अन्य खुलासे और साजिश के पहलुओं पर अदालत की कार्रवाई अहम होगी.




















