जोधपुर: शेयर बाजार में निवेश के नाम पर जोधपुर में ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं. साइबर ठगों ने फर्जी एप, व्हाट्सएप ग्रुप और कॉल के जरिए दो अलग-अलग व्यक्तियों से करीब 5.36 करोड़ रुपए की ठगी कर डाली. एक मामला खांडा फलसा थाना क्षेत्र और दूसरा चौहाबो थाने में दर्ज किया गया है. दोनों मामलों में ठगों ने अच्छे मुनाफे का झांसा देकर निवेश करवाया और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया.
पहला मामला- 4.90 करोड़ की ठगी: खांडा फलसा थानाधिकारी बलवंताराम ने बताया कि थाना क्षेत्र निवासी सुमित लीला ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है कि उसे एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने शेयर बाजार में अच्छे मुनाफे का लालच दिया और एक एप केएमवीई (KMVE) डाउनलोड करवाया. एप के जरिए ठगों ने उसे 16 अलग-अलग फर्मों में कुल 4.90 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाने के लिए राजी कर लिया. शुरुआत में मुनाफे की बात कही गई, लेकिन बाद में न तो कोई लाभ मिला और न ही फोन उठाया गया। जब उसने एप चेक किया तो वह भी प्ले स्टोर से गायब मिला. सुमित ने खांडा फलसा थाने में आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया, जिसकी जांच खुद थानाधिकारी बलवंताराम कर रहे हैं.
दूसरा मामला- 46.40 लाख रुपए की ठगी: दूसरे मामले में मूलत: बालोतरा निवासी और वर्तमान में श्रीराम नगर, पीएफ ऑफिस के पास रहने वाले राकेश को ठगी का शिकार बनाया गया. चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थानाधिकारी ने बताया कि राकेश ने शिकायत दी है जिसमें उसने बताया कि देवराज नामक व्यक्ति ने 18-19 अप्रैल को उसे कॉल किया और ट्रेडिंग से मुनाफा कमाने का झांसा दिया. बाद में मानव राजपूत, राज पटेल, विकास और विशाल चावड़ा नाम के अन्य व्यक्तियों ने भी संपर्क किया और राकेश को शिवालिक ब्रोकरेज लिमिटेड और अनमोल सेल्स ब्रोकिंग लिमिटेड के नाम पर ट्रेडिशनल अकाउंट खोलने को कहा. राकेश ने बालोतरा शाखा में खाता खुलवाकर 50-50 हजार की किश्तों में रकम जमा करवाई. ठगों ने 73,400 रुपए का लाभ दिखाकर विश्वास में लिया और कुल मिलाकर 46.40 लाख रुपए जमा करवा लिए, लेकिन जब राकेश ने मुनाफा मांगा तो ठगों ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया,
एक्सपर्ट की चेतावनी: साइबर एक्सपर्ट प्रिया सांखला ने बताया कि ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए केवल SEBI से अधिकृत ब्रोकर के जरिए ही निवेश करें. किसी भी अनजान एप, इंस्टाग्राम या टेलीग्राम लिंक पर विश्वास न करें. ठग आमतौर पर 40-50 प्रतिशत रिटर्न का लालच देकर पहले थोड़ा मुनाफा दिखाते हैं और फिर बड़ी रकम हड़प लेते हैं. SEBI अधिकृत एजेंटों के पास सिक्योरिटी जमा होती है और उनकी कॉल डिटेल भी रिकॉर्ड होती है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होती है.




















