राजस्थान में मानसून ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार को प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इनमें से 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट और 9 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अजमेर रेलवे स्टेशन से लेकर भीलवाड़ा के गांवों तक, जलभराव और हादसों की तस्वीरें सामने आई हैं।
राज्य में पिछले 24 घंटे में कई जिलों में 2 से 5 इंच तक बारिश दर्ज की गई। अजमेर रेलवे स्टेशन पर भारी बारिश के चलते ट्रैक जलमग्न हो गए, जिससे ट्रेन संचालन बाधित हुआ। जोधपुर में एक पुराने मकान की दीवार गिरने से अफरा-तफरी मच गई। वहीं, पाली जिले में दीवार ढहने की घटना में दो बच्चों समेत तीन लोग घायल हो गए।
बारां में सर्वाधिक 131MM बारिश, कई बांधों में आया पानी
बारां जिले के शाहबाद में बीते 24 घंटे में सबसे अधिक 131MM बारिश दर्ज हुई। कोटा में 63.8MM, पाली के देसूरी में 92MM, भीलवाड़ा के करेड़ा में 66MM और बूंदी में 75MM बरसात दर्ज की गई। जलभराव के कारण कई इलाकों में सड़कें नदी बन गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप रहा। बीसलपुर बांध का जलस्तर बढ़कर 313.95 आरएल मीटर तक पहुंच गया है, जबकि त्रिवेणी नदी 2.60 मीटर की रफ्तार से बह रही है।
हादसे भी बरसात के साथ
भीलवाड़ा जिले में दो चचेरे भाइयों की नाले में बहने से मौत हो गई। राजसमंद जिले में तालाब में डूबने से भाई-बहन की जान चली गई। अजमेर के ब्यावर में एक बच्चा मुंह के बल कीचड़ में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। शनिवार रात सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में एक ट्रैक्टर गलवा नदी में बह गया था, ड्राइवर की तलाश जारी है। वहीं टोंक जिले में बहा युवक का शव 36 घंटे बाद रविवार सुबह मिला।
108 फीसदी अधिक बरसात
इस बार मानसून ने औसत से कहीं अधिक पानी बरसाया है। राज्य में 1 जून से 12 जुलाई तक औसत 102.4MM बारिश होती है, जबकि इस बार अब तक 213.3MM बरसात हो चुकी है, जो कि सामान्य से 108 फीसदी अधिक है। इससे राज्य के जलाशयों और नदियों में भी पानी की आवक बढ़ गई है।
इन जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन और भारी रह सकते हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना लो-प्रेशर सिस्टम और राजस्थान के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते बारिश का यह दौर बना हुआ है। ट्रफ लाइन भी सामान्य स्थिति पर है, जिससे सिस्टम को और ऊर्जा मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 48 घंटे में कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
स्थिति पर प्रशासन सतर्क
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की है। जल संसाधन विभाग भी बांधों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी अलर्ट पर हैं।
नोट: पाठकों से लाइव हिंदुस्तान की अपील है कि बारिश के दौरान नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी एडवायजरी का पालन करें।




















