राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पचेरी खुर्द क्षेत्र में 5 जुलाई की रात एक रहस्यमयी हत्या की गूंज हर ओर सुनाई दे रही है। मामला जितना सनसनीखेज है, उतनी ही तेजी से पुलिस ने इसका खुलासा भी किया है। महज 36 घंटे में पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में अब भी कई सवाल हैं, जो जवाब मांगते हैं।
घटना पचेरी खुर्द गांव के बालाजी धर्मकांटा के पास की है, जहां AXIS बैंक नारनौल के मैनेजर कार्तिक शर्मा अपने चार साथियों – ड्राइवर सुनील, विक्रम गुर्जर, सुरेन्द्र उर्फ बल्लू यादव और धनंजय उर्फ कालू के साथ शराब पार्टी मना रहा था। इसी दौरान एक अनजान युवक वहां पहुंचा। जब उससे नाम और पता पूछा गया, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। बस, यहीं से शुरू हुई एक ऐसी हिंसा, जिसका अंजाम मौत था।
तैश में आई टोली, पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट
नाम न बताने की बात पर आरोपियों का पारा चढ़ गया। गुस्से में उन्होंने युवक को बुरी तरह पीटा, और यह पिटाई इतनी बर्बर थी कि उसने वहीं दम तोड़ दिया। युवक को लात-घूंसों से नहीं, बल्कि हिंसा की पराकाष्ठा पार करते हुए मार डाला गया। हत्या के बाद पांचों आरोपी घबरा गए।
एक्सीडेंट दिखाने की कोशिश, मगर नहीं बच सके
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को नग्न अवस्था में उठाया और कुछ दूरी पर सिंघाना रोड पर फेंक दिया। शव को सड़क किनारे घसीटा गया ताकि यह हादसे का रूप ले सके। लेकिन शव पर मौजूद गहरी चोटों और खून के निशानों ने उनकी पूरी साजिश को नाकाम कर दिया। युवक की अर्धनग्न अवस्था और चेहरे पर चोट के निशान देखकर पहली नजर में ही यह साफ था कि मामला एक्सीडेंट नहीं बल्कि हत्या का है।
‘KK’ का टैटू बना जांच की पहली कड़ी
पुलिस के लिए यह ब्लाइंड मर्डर था, क्योंकि शव के पास न तो कोई दस्तावेज था और न ही कोई पहचान से जुड़ा सामान। शव के पास सिर्फ SKYLARK कंपनी की चप्पल मिली और युवक की कलाई पर ‘KK’ गुदा हुआ था। यही दो सुराग पुलिस के हाथ थे। डॉग स्क्वायड और साइबर टीम को अलर्ट किया गया। घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। और यहीं से पुलिस को अहम सुराग मिले।
बैंक मैनेजर बना मास्टरमाइंड
जांच में सामने आया कि इस हत्या का मास्टरमाइंड कोई आम शख्स नहीं, बल्कि एक बैंक का मैनेजर था। AXIS बैंक नारनौल में कार्यरत कार्तिक शर्मा ने शराब के नशे में अपनी टीम के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हत्या के पीछे कोई पूर्व शत्रुता नहीं थी, सिर्फ शक और गुस्सा ही वजह बना।
अब भी अधूरी है गुत्थी
हालांकि हत्या के आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन अब भी सबसे बड़ी गुत्थी है – मृतक की पहचान। शव बुहाना अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है और पुलिस मृतक की पहचान के प्रयास कर रही है। क्या युवक किसी गैंग से जुड़ा था? क्या वह सिर्फ संयोगवश वहां पहुंचा या उसे बुलाया गया था? ये ऐसे सवाल हैं, जो इस हत्याकांड को अब भी रहस्यपूर्ण बनाए हुए हैं।
कानून से नहीं बच सके कातिल
इस घटना ने साफ कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, पुलिस की सख्त निगरानी और तकनीकी जांच के सामने टिक नहीं सकता। 36 घंटे में एक ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर झुंझुनूं पुलिस ने न सिर्फ तत्परता दिखाई, बल्कि पीड़ित को इंसाफ की पहली सीढ़ी तक पहुंचा दिया।
अब इंतजार है उस नाम का, जो ‘KK’ के टैटू के पीछे छिपा है – और उस कहानी का, जो इस हत्या के पीछे का असली सच है।




















