बाड़मेर शहर के रीको थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक 34 वर्षीय महिला की लाश घर के बाथरूम में फंदे से लटकी मिली। मृतका की पहचान कमला के रूप में हुई है, जो स्थानीय हार्डवेयर कारोबारी मुकनाराम की पत्नी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।
पति ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन जब यह जानकारी पीहर पक्ष को लगी, तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। मृतका के भाई और परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है, जिसे फंदे के जरिए आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई है।
कमला के भाई हीराराम का आरोप है कि पति मुकनाराम का बीते दो सालों से एक महिला से अवैध संबंध चल रहा है। इस महिला को उसने एक कार और अपने मार्ट में दुकान तक गिफ्ट कर रखी है।
परिजनों के मुताबिक, कमला जब भी इसका विरोध करती थी, तो मुकनाराम और उसका भाई ठाकराराम मिलकर उसके साथ मारपीट करते थे। हीराराम ने पुलिस को कुछ फोटो और वीडियो भी दिए हैं, जिनमें कमला रोते हुए खुद पर हुए अत्याचार की बात कर रही है और शरीर पर चोट के निशान दिखा रही है।
घटना के वक्त पति था घर में, बच्चे स्कूल में
डीएसपी रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि गुरुवार दोपहर 3 बजे रीको थाना पुलिस को सूचना मिली कि बलदेव नगर में रहने वाली महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटनास्थल से एफएसएल टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं।
बताया गया कि घटना के वक्त कमला के पति मुकनाराम घर में ही मौजूद था, जबकि दोनों बच्चे—10 साल की बेटी और 8 साल का बेटा—स्कूल में थे।
भाई बोला- बहन को बुरी तरह पीटा गया, हत्या कर लटकाया गया
कमला के भाई हीराराम ने दावा किया कि यह खुदकुशी नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने बताया कि दो महीने पहले भी बहन को इतनी बुरी तरह पीटा गया था कि वह बेहोश हो गई थी। जब वह बहन को देखने गया तो उसे भी धमकाया गया और दुकान छोड़ने को मजबूर किया गया।
उसने कहा, “मेरी बहन ने मुझे मारपीट के फोटो और वीडियो दिए थे, जिनमें शरीर पर गंभीर चोट के निशान साफ दिखते हैं। अब उसके मर्डर को सुसाइड बताया जा रहा है।”
रिश्तेदारों का आरोप: पाइप से पीटा जाता था, घर में किया गया कैद
धरने पर बैठे अन्य रिश्तेदारों ने भी कमला के साथ बर्बरता के आरोप लगाए। एक रिश्तेदार नरसीराम ने कहा कि मुकनाराम और उसका भाई ठाकराराम लगातार कमला को टॉर्चर करते थे।
उन्होंने बताया कि एक बार जब कमला पीहर आई थी तो उसका इलाज करवाया गया था। परिजनों ने ससुराल भेजने से इनकार कर दिया था, लेकिन समाज के लोगों को बीच में लाकर आरोपी फिर से उसे ले गए। इसके बाद 5 दिन तक उसे घर में कैद कर मारपीट की गई।
परिजन धरने पर, पुलिस जांच में जुटी
कमला की मौत के बाद से परिजन बाड़मेर जिला अस्पताल की मॉच्र्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपी पति और उसके भाई को बचा रही है। परिजन हत्या का केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इस बीच एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और जांच जारी है।
सांसदों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
बाड़मेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और नागौर सांसद ने भी इस मामले पर सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी है। उम्मेदाराम ने इसे शर्मनाक और न्याय व्यवस्था की परीक्षा बताया है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है।
वहीं नागौर सांसद ने भी इसे अमानवीय कृत्य बताते हुए बाड़मेर एसपी से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष: आत्महत्या या मर्डर? जांच के बाद सामने आएगा सच
कमला की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ पति की ओर से आत्महत्या का दावा है, वहीं दूसरी तरफ परिजनों के गंभीर आरोप और फोटो-वीडियो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
अब पूरा मामला पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिका है। परिजन न्याय की मांग को लेकर अड़े हुए हैं और दोषियों को सजा दिलवाने के लिए सड़क पर उतर आए हैं।




















