राजस्थान में बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सरकार जल्द ही प्रदेश भर में मेगा रोजगार मेलों का आयोजन करने जा रही है। दावा है कि इन मेलों के जरिए 20 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का तोहफा दिया जाएगा। अगर कोर्ट में अटकी भर्तियों के मामले सुलझ जाते हैं, तो यह संख्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद भी हाल ही में एक कार्यक्रम में इस योजना का संकेत दे चुके हैं।
कौन-कौन सी भर्तियां हैं प्रक्रिया में
फिलहाल 8 अहम भर्तियां ऐसी हैं जो या तो कोर्ट में अटकी हुई हैं या फिर विभागीय लापरवाही की शिकार हैं। इनमें से 4 भर्तियों पर कानूनी पेच फंसा हुआ है, जबकि 4 भर्तियों की प्रक्रिया अधिकारी स्तर की अनदेखी के कारण धीमी पड़ी हुई है। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष हनुमान किसान का कहना है कि सरकार को कोर्ट में ठोस पैरवी करनी चाहिए, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को जुलाई में नियुक्ति पत्र सौंपे जा सकें।
कोर्ट में अटकी ये 4 बड़ी भर्तियां
1. पशु परिचर भर्ती 2023 (6433 पद)
इस भर्ती में नॉर्मलाइजेशन को लेकर विवाद है, जो कोर्ट में लंबित है। इसी कारण चयन प्रक्रिया रुकी हुई है।
2. सूचना सहायक भर्ती 2023 (3415 पद)
इस भर्ती में कुछ सवालों को लेकर विवाद है, जिस पर कोर्ट का फैसला आना बाकी है। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया लंबित है।
3. खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती 2022 (200 पद)
इस भर्ती में पहले से कार्यरत डिप्टीशनी कार्मिकों ने कोर्ट में चुनौती दे रखी है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों की राह अटक गई है।
4. ग्राम विकास अधिकारी भर्ती 2021 (713 पद)
विवादित प्रश्नों के चलते कोर्ट में मामला चल रहा है। करीब 713 पदों पर अभी भी नियुक्तियां नहीं हो सकी हैं।
सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ी ये भर्तियां
1. अध्यापक भर्ती 2022
लेवल-2 में दो गुणा परिणाम जारी हो चुका है, लेकिन उर्दू को छोड़कर अन्य विषयों का एक गुणा परिणाम अब तक लंबित है। इससे करीब 1260 नए अभ्यर्थियों को मौका मिल सकता है।
2. फायरमैन भर्ती 2021 (120 पद शेष)
600 पदों में से 120 पदों का परिणाम अब तक जारी नहीं किया गया है। चयनित अभ्यर्थी लगातार परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं।
3. पूर्व प्राथमिक शिक्षक (एनटीटी) भर्ती 2018
13 मई को चयन बोर्ड ने परिणाम तो जारी किया, लेकिन शिक्षा विभाग ने अब तक दस्तावेज सत्यापन का कार्यक्रम घोषित नहीं किया।
4. संगणक भर्ती 2023 (72 पद)
कुल 625 पदों में से 72 पदों का परिणाम अधर में लटका हुआ है। अभ्यर्थी इन पदों को जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं।
बेरोजगारों को राहत या फिर नया इंतजार?
प्रदेश भर में लाखों बेरोजगार युवाओं की निगाहें अब सरकार की पहल और न्यायालय के फैसलों पर टिकी हैं। यदि सरकार मजबूत पैरवी करती है और विभागों में तेजी आती है, तो जुलाई में एक बड़ा नियुक्ति अभियान देखने को मिल सकता है। वहीं, अगर कोर्ट के फैसलों और विभागीय सुस्ती में देरी होती है, तो युवाओं को एक बार फिर लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस बार रोजगार के वादों को जमीनी हकीकत में कब और कैसे बदलती है।




















