Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

‘नाथी का बाड़ा’ से ‘खाला का बाड़ा’ तक, राजस्थान की सियासत के चर्चित बयान, जानें क्या है इनका मतलब?

जयपुर. राजनीति में कई बयान ऐसे होते हैं तो जो नेताओं के मुंह से निकलते भले ही अनायास हो लेकिन वे जनमानस में छा जाते हैं. राजस्थान की राजनीति में भी दो ऐसे बयान हैं जो पूर्ववर्ती अशोक गहलोत की सरकार के समय खासे चर्चा में रहे थे. इनमें एक बयान ‘नाथी का बाड़ा’ वर्तमान पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा का है. दूसरा बयान ‘खाला का बाड़ा’ पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की ओर से दिया गया था. ये दोनों बयान कई दिनों तक राजनीति में चर्चा का विषय बने रहे थे. इन बयानों की गूंज आज भी यदाकदा सियासी गलियारों में गूंजती हुई सुनाई देती है.
राजस्थान में यूं तो हर इलाके की राजनीति की तासीर अलग-अलग है. लेकिन शेखावाटी और मेवात की राजनीति की तासीर काफी चर्चित और गरम है. इन दोनों ही इलाकों के नेता या जनता सब सटीक और खड़ी बोली में अपनी बात कहते हैं. उनकी बातें दूसरों को भले ही अटपटी लगती हो लेकिन वह उनके सामान्य व्यवहार में शामिल है. इसके कारण इन इलाकों के सियासी बयान भी चर्चा में रहते हैं.
डोटसरा ने टीचर्स को लेकर कहा था ‘नाथी का बाड़ा’
पूर्वीवर्ती गहलोत सरकार के समय तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के सीकर स्थित घर पर कुछ टीचर तबादले की मांग को लेकर पहुंचे थे. उन टीचर्स को देखकर डोटासरा भड़क उठे. उन्होंने उनको लताड़ लगाते हुए कह दिया था कि ‘नाथी का बाड़ा’ समझ रखा है क्या जो कभी भी कहीं भी चले आते हो. बस फिर क्या था उनका यह बयान सियासी गलियारों में इतना चर्चित हुआ की पूछो मत. डोटासरा का ‘नाथी का बाड़ा’ बयान कई तक मीडिया में छाया हुआ रहा था. डोटासरा के इस व्यवहार से टीचर खासे नाराज हुए थे. 

राजेन्द्र राठौड़ ने दिया था ‘खाला का बाड़ा’ वाला बयान
उसके कुछ दिनों ही बीजेपी के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री और तत्कालीन चूरू विधायक राजेन्द्र राठौड़ का चूरू में दिया गया बयान सुर्खिया बन गया. चूरू में आयोजित एक कार्यक्रम में राजेन्द्र राठौड़ ने अपने राजनीति विरोधियों को निशाना बनाते हुए कहा था कि यह क्या कोई ‘खाला का बाड़ा’ है जो कोई कुछ भी कर लेगा. राठौड़ का यह बयान भी मीडिया की सुर्खियां बन गया था. इस पर भी काफी दिनों तक बहस होती रही.
क्या होता है ‘नाथी का बाड़ा’ और ‘खाला का बाड़ा’
प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान के पूर्व अतिरिक्त निदेशक सुभाष महलावत के अनुसार ‘खाला का बाड़ा’ हिन्दी का मुहावरा है. मुस्लिम समुदाय में ‘खाला’ मौसी को कहा जाता है. खाला का बाड़ा (यानी घर) जहां मौज मस्ती होती है कोई टेंशन नहीं होती है. वहां केवल मौज ही मौज रहती है. वहीं ‘नाथी का बाड़ा’ का मतलब ऐसी जगह से है जहां बेरोक-टोक कोई भी जाकर मदद ले आए. इससे जुड़ी एक कथा प्रचलित है. इस कथा के अनुसार ‘नाथी बाई’ नाम की महिला थी. उसके बाड़े में कोई भी जरुरतमंद जाकर मदद ले सकता था. वह चाहे अनाज हो या फिर पैसे. नाथी बाई ना तो अनाज तौलकर देती थी और ना ही पैसे गिनकर देती थी.

Advertisement Box
Best Service Providers Near You
आमिर की अगली फिल्म 'सितारे जमीन पर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ। क्या यह फिल्म आमिर को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला पाएगी?

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें