जयपुर. नागौर सांसद और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल को झटके पर झटके लग रहे हैं. बेनीवाल को बीते दो दिनों में तीन बड़े झटके लग चुके हैं. दो दिन पहले मंगलवार को विद्युत निगम ने नागौर स्थित उनके आवास के बकाया चल रहे 11 लाख रुपये के बिल के कारण बिजली काट दी थी. अब बेनीवाल को राजधानी जयपुर में स्थित दोनों विधायक आवास 11 जुलाई तक खाली करने के नोटिस थमाए हैं. इसके साथ ही बेनीवाल के भाई पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल को भी सरकारी क्वाटर खाली करने के आदेश दिए गए हैं.
दरअसल सांसद हनुमान बेनीवाल चार बार नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं।. इनमें एक बार वे बीजेपी, एक बाद निर्दलीय और दो बार अपनी पार्टी आरएलपी से विधायक चुन गए थे. इनमें से दो बार उन्होंने से सांसद बनने के लिए सीट छोड़ दी थी. इनमें बेनीवाल पहली बार एनडीए में शामिल होकर बीजेपी के सहयोग से 2018 में नागौर से सांसद बने. 2024 में यूपीए में शामिल होकर कांग्रेस के सहयोग से सांसद बन गए.
बेनीवाल ने सांसद बनने के लिए दो बार सीट छोड़ी थी
बेनीवाल ने पहली बार जब सीट छोड़ी तो अपने छोटे भाई नारायण बेनीवाल को विधायक बनाया. दूसरी बार सीट छोड़ी तो अपनी पत्नी कनिका बेनीवाल को मैदान में उतारा था लेकिन वे बीजेपी से हार गईं थी. हनुमान बेनीवाल को बतौर विधायक पहले जयपुर के जालूपुरा इलाके में सरकारी आवास का आवंटन किया गया था. वह आवास अभी तक बेनीवाल ने छोड़ा नहीं है.
नए विधायक आवास में भी बेनीवाल को फ्लैट आवंटित हो रखा है
उसके बाद पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने जालूपुरा के विधायक आवासों के पुराने और जर्जर होने का हवाला देते हुए विधानसभा के पास ही नए विधायक आवास (फ्लैट) बनाए थे. पिछली बार बेनीवाल को उसमें भी आवास आंवटित हो गया था. इससे पहले नए आवास में उनके भाई नारायण बेनीवाल और उनकी पार्टी के दूसरे विधायक पुखराज गर्ग को भी आवास आवंटित था. लोकसभा चुनाव में बेनीवाल सांसद बन गए और नारायण तथा पुखराज भी अब विधायक नहीं हैं. लेकिन इन्होंने नए आवासों को खाली नहीं किया.
हनुमान बेनीवाल के नाम से दो विधायक आवास आवंटित हैं
विधायक नहीं होते हुए भी हनुमान बेनीवाल के नाम से दो विधायक आवास आवंटित हैं. लिहाजा अब सम्पदा अधिकारी और एडीएम (ज्यूडिशियल) की ओर से उनको ये आवास खाली करने के नोटिस दिए गए हैं. उन्हें 11 जुलाई तक आवास खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है. नारायण बेनीवाल और पुखराज को भी इसी तारीख तक आवास से बेदखल करने के नोटिस थमाए गए हैं. हैरानी की बात यह भी है पुराने करीब-करीब सभी विधायक आवासों को तोड़ दिया गया है. लेकिन बेनीवाल को वहां पूर्व में आवंटित किया गया आवास अभी भी मौजूद है.




















