राजस्थान में मानसून ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में जलभराव, हादसे और जानलेवा घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। मंगलवार देर रात से जयपुर समेत कई हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह तक जारी रहा। इसी बीच, जयपुर के चौमूं कस्बे में एक कोचिंग बस गड्ढे में फंस गई, जिसमें बच्चे सवार थे। पानी से भरे गड्ढे में बस फंसते ही बच्चों में दहशत फैल गई और वे रोने-चीखने लगे। मौके पर पहुंची स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
राज्य में मौसम विभाग ने बुधवार को भी 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें जयपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और पाली जैसे जिले शामिल हैं। कई इलाकों में जलभराव के चलते यातायात प्रभावित हुआ है। चूरू, बीकानेर और श्रीगंगानगर में मंगलवार को तेज बारिश के चलते बाजारों और घरों में पानी भर गया।
हादसों में 18 लोगों की मौत, सबसे ज्यादा कोटा-चित्तौड़गढ़ में
बारिश के चलते हुए हादसों में बीते 48 घंटों में 18 लोगों की जान चली गई। कोटा और चित्तौड़गढ़ में सबसे ज्यादा 4-4 लोगों की मौत हुई है। वहीं प्रतापगढ़ में 3, चूरू में 2 और राजसमंद, भरतपुर, अलवर, पाली व धौलपुर में 1-1 मौत हुई है। कोटा में चंबल नदी में बह गए छह लोगों में से दो के शव मंगलवार को बरामद कर लिए गए, जबकि शेष की तलाश जारी है।
बारां-झालावाड़ में रेड अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
बारां और झालावाड़ जिलों में भारी से अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में बीते 24 घंटे में 100 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। निचले इलाकों में जलभराव के चलते प्रशासन ने राहत और बचाव टीमें तैनात कर दी हैं। वहीं स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
17 जुलाई से बारिश का असर होगा कम, 19 जुलाई से ब्रेक स्पेल की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 17 जुलाई से राज्य में भारी बारिश का दौर धीमा पड़ने की संभावना है। 19 जुलाई के बाद मानसून ब्रेक स्पेल में जा सकता है, जिससे अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहेगा और बारिश रुकने लगेगी। हालांकि कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी संभव है, लेकिन कहीं भी भारी बारिश के आसार नहीं रहेंगे।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, एनडीआरएफ की टीमें तैनात
भारी बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड पर काम शुरू कर दिया है। कोटा, बारां, चित्तौड़गढ़, जयपुर समेत कई जिलों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और जलभराव या तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
राजस्थान में मानसून की रफ्तार ने जहां राहत दी थी, वहीं अब इसका रौद्र रूप लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। प्रशासन और आमजन दोनों को सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को टाला जा सके।




















