कोटा. शहर में कोचिंग कर रही एक नाबालिग छात्रा को नाम और धर्म छिपाकर फंसाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए युवक ने छात्रा को बहलाकर टैक्सी से उत्तर प्रदेश ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में छात्रा को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दे दी, जिसके बाद युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष एडवोकेट राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि आरोपी युवक 25 वर्षीय रजाक उत्तर प्रदेश के लखनऊ का निवासी है. उसने इंस्टाग्राम के जरिए छात्रा से दोस्ती की थी. उसने छात्रा को अपना नाम और धर्म छिपाकर गलत जानकारी दी, साथ ही खुद की उम्र भी 18 वर्ष बताई. युवक ने छात्रा को विश्वास में लेकर टैक्सी से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ले जाने का प्रयास किया. युवक रजाक के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गयया है. नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. युवक रजाक पर आरोप है कि उसने नाम बदलकर बालिका को फसाया था. दोस्ती भी इंस्टाग्राम से हुई थी. मामले में आगे जांच चल रही है- भंवरलाल, सब इंस्पेक्टर, कोटा सिटी पुलिस
*रास्ते में हुआ शक, तो खुली पोल:*
एडवोकेट राठौड़ ने बताया कि रास्ते में झांसी के पास जब युवक किसी परिचित से फोन पर बात कर रहा था, तो छात्रा को उसकी भाषा और बात करने के तरीके पर शक हुआ. युवक ने छात्रा का मोबाइल और सिम कार्ड पहले ही तोड़कर फेंक दिया था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके. छात्रा ने टैक्सी ड्राइवर के फोन से अपनी बहन को फोन किया और पूरी जानकारी दी. इसके बाद बहन के कहने पर छात्रा ड्राइवर की मदद से नजदीकी पुलिस स्टेशन पहुंची औऱ पूरे मामले की जानकारी दी, जहां से उसे सुरक्षित कोटा वापस लाया गया. कोटा पहुंचने के बाद बाल कल्याण समिति की टीम ने छात्रा की काउंसलिंग की. समिति के सदस्यों ऋषभ, अंजुमन बानो, हरप्रीत कौर और बाबूलाल की बैठक के बाद छात्रा को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. कोटा सिटी पुलिस के सब इंस्पेक्टर भंवरलाल ने बताया कि आरोपी रजाक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है. उसे नाबालिग को बहलाफुसला कर ले जाने के आरोप में 11 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.




















