जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 9वीं क्लास में पढ़ने वाले 14 वर्षीय छात्र ऐश्वर्या सिंह ने ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर अपने पिता के सामने ही जहर पीकर खुदकुशी कर ली। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें किशोर कहता है- “पापा, मैं जा रहा हूं”, और फिर जहरीला पदार्थ निगल लेता है। 6 जुलाई को इलाज के दौरान किशोर ने दम तोड़ दिया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक किशोर को उसके ही दोस्त ब्लैकमेल कर रहे थे। पैसों को लेकर हुए झगड़े के बाद एक दोस्त ने थाने में केस दर्ज करा दिया और राजीनामे के नाम पर 2 लाख रुपए की डिमांड की जा रही थी। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
स्कूल से लौटा तो सीधे रसोई में गया
घटना 3 जुलाई की है। किशोर दोपहर 12 बजे स्कूल से लौटा और सीधे रसोई में चला गया। उसने स्कूल ड्रेस तक नहीं उतारी। रसोई में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड फुटेज के मुताबिक, वह बार-बार जहरीली शीशी खोलने और पीने की कोशिश करता रहा, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाया।
करीब 1:15 बजे उसने अपने पिता के सामने आकर वह जहरीली शीशी मुंह से लगा ली। ऐश्वर्या के पिता मानवीर सिंह उस समय घर के बरामदे में थे और नौकर से सिर की मालिश करवा रहे थे। मौके पर दो ड्राइवर भी मौजूद थे।
“मैं जा रहा हूं” कहकर पिता के सामने पी गया जहर
पिता ने बताया कि बेटा बोला, “पापा, मैं जा रहा हूं” और देखते ही देखते उसने जहर पी लिया। घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजन उसे तुरंत जेके लोन अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। डॉक्टर्स ने गंभीर हालत में उसे आईसीयू में भर्ती किया, लेकिन 6 जुलाई की सुबह 4 बजे उसकी मौत हो गई।
दोस्तों से झगड़ा, फिर एफआईआर और ब्लैकमेलिंग
पिता मानवीर सिंह ने बताया कि बेटे का कुछ समय पहले पैसों को लेकर दोस्तों से झगड़ा हुआ था। 26 जून को हुए झगड़े के बाद एक आरोपी लड़के ने अपने चाचा की मदद से नाहरगढ़ थाने में ऐश्वर्या के खिलाफ 27 जून को FIR दर्ज करवा दी। राजीनामे के नाम पर आरोपी और उसके दोस्त 2 लाख रुपए मांग रहे थे।
ऐश्वर्या की मौत के बाद जब परिवार ने उसका मोबाइल खंगाला, तो सोशल मीडिया चैट्स से पूरी सच्चाई सामने आई। इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर उसे बार-बार धमकाया जा रहा था। आरोपी उससे नशे के लिए पैसे भी मांगते थे और वीडियो कॉल्स पर धमकियां देते थे।
सातों दोस्त नशेड़ी और आपराधिक प्रवृत्ति के
मानवीर सिंह के मुताबिक, बेटे के जिन दोस्तों की पहचान हुई है, वे सभी नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। यही नहीं, इन लड़कों ने ऐश्वर्या को भी नशे की लत लगवा दी थी। आरोपी अक्सर उससे पैसे मंगवाते और न देने पर धमकियां देते थे।
पुलिस ने दर्ज की आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR
ब्रह्मपुरी थाना एसएचओ राजेश गौतम ने बताया कि मामले में 17 जुलाई को आत्महत्या के लिए उकसाने की FIR दर्ज की गई है। जांच में किशोर को ब्लैकमेलिंग कर परेशान करने और झूठे केस में फंसाकर पैसे वसूलने की बात सामने आई है। सात संदिग्धों की भूमिका खंगाली जा रही है।
पिता बोले- बेटे ने कभी दर्द बयां नहीं किया
मानवीर सिंह ने बताया कि ऐश्वर्या पिछले कुछ हफ्तों से गुमसुम और डरा हुआ दिखता था। कई बार पूछने पर भी कहता- “मैं ठीक हूं पापा।” हमें अंदाजा तक नहीं था कि वह अंदर ही अंदर इतना कुछ झेल रहा है। अगर उसने एक बार भी खुलकर बताया होता, तो शायद आज वो जिंदा होता।
तीन बेटों में मझला था ऐश्वर्या
मानवीर सिंह का एग्रीकल्चर और होम स्टे का बिजनेस है। उनके तीन बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा 21 साल का है, छोटा बेटा 5 साल का है। ऐश्वर्या मझला बेटा था।
अब सवाल- नाबालिग को क्यों किया फंसाने का खेल?
यह मामला सिर्फ आत्महत्या का नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से एक नाबालिग को मानसिक प्रताड़ना देकर ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने की साजिश का है। सवाल यह भी है कि जब शिकायत करने वाला लड़का थाने में तैनात व्यक्ति का रिश्तेदार था, तो पुलिस ने किशोर के खिलाफ FIR दर्ज करते वक्त उसकी उम्र क्यों नहीं देखी?
पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों में आक्रोश है। यह केस न सिर्फ जयपुर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया और नशे के जाल में फंसते बच्चों को समय रहते कैसे संभाला जाए।




















