जयपुर. बारिश और सावन के महीने में लोगों के लिए खरीदारी का मजा दोगुना हो गया है. जयपुर के अलग-अलग बाजारों में इन दिनों बेहतरीन मेलों और फेयर्स का आयोजन किया जा रहा है. यहां भारत के विभिन्न राज्यों से व्यापारी पहुंचे हैं जो अपने क्षेत्र के मशहूर उत्पाद लेकर आए हैं. इन्हीं में से एक है जवाहर कला केंद्र में चल रहा शिल्पम आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर जहां उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से आए व्यापारी अपनी शानदार कालीनों के साथ मौजूद हैं.
ये व्यापारी मिर्जापुर की पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों वाली कालीनें लेकर आए हैं जो दो हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं. जयपुर में मिर्जापुर की कालीनों की खास डिमांड है क्योंकि यहां के किलो, महलों और संग्रहालयों में इनका उपयोग सजावट और शान के लिए किया जाता है. फेयर में करीब एक हजार से अधिक वैरायटी की कालीनें हर साइज में मौजूद हैं जिन्हें लोग अपनी पसंद के अनुसार खरीद रहे हैं.
फेयर में उपलब्ध हैं पांच लाख तक की वीआईपी कालीनें
बॉलीवुड की मशहूर वेब सीरीज मिर्जापुर में जिस तरह कालीन के व्यापार को दिखाया गया उसी तरह असली मिर्जापुर की कालीनें भी लोगों में खासा आकर्षण रखती हैं. कालीन व्यापारी बादशाह कुरेशी बताते हैं कि वे वूलन, कॉटन और सिल्क जैसी विभिन्न किस्मों की कालीनें तैयार करते हैं. ये कालीनें हाथ से तैयार की जाती हैं और एक कालीन को बनने में पांच से दस दिन तक का समय लगता है. उनके पास हैंडलूम और मशीन से तैयार की गई वॉशेबल और वाटरप्रूफ कालीनें भी हैं जिनकी मांग विदेशों तक बनी रहती है. मिर्जापुर से बनाई गई मेड इन ईरान, टर्की और ऑस्ट्रेलिया सिल्क क्वालिटी की कालीनें भी उनके पास उपलब्ध हैं जो सबसे महंगी होती हैं और वीआईपी वर्ग के बीच खूब पसंद की जाती हैं. कुरेशी बताते हैं कि उनकी कई प्रीमियम कालीनें बड़े-बड़े आयोजनों और समारोहों में भी उपयोग की जाती हैं.
जयपुर में मिर्जापुर की कालीनों की खास पहचान
बादशाह कुरेशी का कहना है कि वे भारत के कई शहरों में कालीन का व्यापार करते हैं लेकिन जयपुर में उनकी कालीनों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. यहां के स्थानीय व्यापारी उनकी कालीन खरीदकर विदेशों में भी सप्लाई करते हैं. कुरेशी के अनुसार मिर्जापुर की कालीनों की सबसे खास बात यह है कि इनकी चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है. उनकी महंगी कालीनों की मांग भले ही वीआईपी आयोजनों में अधिक होती है लेकिन आम लोगों के लिए भी अलग-अलग बजट में कालीनें उपलब्ध कराई जाती हैं. जो लोग तीन-तीन लाख की कालीन नहीं खरीद सकते वे भी दो से पांच हजार की आकर्षक डिजाइन वाली कालीनें खरीद कर अपने घर की शोभा बढ़ा सकते हैं.
मिर्जापुर की कालीन का जयपुर में भौकाल… 2 हजार से लेकर 5 लाख तक है कीमत!
जयपुर में मिर्जापुर की कालीनों की खास पहचान
बादशाह कुरेशी का कहना है कि वे भारत के कई शहरों में कालीन का व्यापार करते हैं लेकिन जयपुर में उनकी कालीनों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है. यहां के स्थानीय व्यापारी उनकी कालीन खरीदकर विदेशों में भी सप्लाई करते हैं. कुरेशी के अनुसार मिर्जापुर की कालीनों की सबसे खास बात यह है कि इनकी चमक लंबे समय तक बरकरार रहती है. उनकी महंगी कालीनों की मांग भले ही वीआईपी आयोजनों में अधिक होती है लेकिन आम लोगों के लिए भी अलग-अलग बजट में कालीनें उपलब्ध कराई जाती हैं. जो लोग तीन-तीन लाख की कालीन नहीं खरीद सकते वे भी दो से पांच हजार की आकर्षक डिजाइन वाली कालीनें खरीद कर अपने घर की शोभा बढ़ा सकते हैं.




















