जयपुर: प्रदेश की भजनलाल सरकार आउट ऑफ टर्न पॉलिसी में बदलाव करने की तैयारी कर रही है. खिलाड़ियों को नौकरी देने के लिए बनाई गई इस पॉलिसी में कुछ बदलाव किए जाएंगे. इसे लेकर खेल विभाग ने एक पूरा खाका तैयार किया है. मामले को लेकर क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष नीरज के पवन का कहना है कि सरकार खेल निदेशालय बनाने की तैयारी कर रही है, जिसे मंजूरी के लिए फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास भेजा गया है.
उन्होंने बताया कि आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत मिलने वाली सरकारी नौकरी के नियमों में भी बदलाव की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि जैसे ही खेल निदेशालय बनेगा, वैसे ही खिलाड़ियों को उनकी कैटेगिरी के हिसाब से नौकरी दी जाएगी. फिलहाल लंबे समय से आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत खिलाड़ियों को नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं. लेकिन नीरज के पवन ने दावा किया है कि जैसे ही नियमों में संशोधन होगा. वैसे ही एक बार फिर से खिलाड़ियों को भी इस पॉलिसी के तहत सरकारी नौकरियों की सौगात दी जाएगी.
इन खिलाड़ियों को मिलेगा लाभ: खेल परिषद का कहना है कि पिछले कुछ समय से राजस्थान में जो खेल संघ हैं, उनमें विवाद की स्थिति बनी हुई है. फिलहाल उन सभी खेल संघों को विवाद निपटाने के निर्देश दिए गए हैं. माना जा रहा है कि जो खेल इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से रजिस्टर्ड होंगे, उन्हीं खेलों में नेशनल और इंटरनेशनल मेडल जीतने पर खिलाड़ियों को नौकरी मिलेगी. नीरज के पवन का कहना है कि मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को किस रूप में किस पद पर लाना है. इसमें बदलाव करने की तैयारी चल रही है.
आउट ऑफ टर्न पॉलिसी की बात करें तो:
- साल 2016 में खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के लिए बनाई गई आउट ऑफ टर्न पॉलिसी
- पॉलिसी में विभिन्न कैटेगरी शामिल
- डीएसपी से लेकर सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति
- आउट ऑफ टर्न पॉलिसी के तहत 400 से अधिक खिलाड़ियों को मिली सरकारी नौकरी
यह खेल रजिस्टर्ड: इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से रजिस्टर्ड खेलों की बात करें, तो एथलेटिक्स, आर्चरी, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, ब्रिज, साइक्लिंग, फुटबॉल, गोल्फ, जिम्नास्टिक, हैंडबॉल, हॉकी, कबड्डी, नेटबॉल राइफल शूटिंग, स्विमिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, टेनिस, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, बोलिंग, फेंसिंग, जूडो, कयाकिंग और कैनोइंग, रोलिंग, इंडियन रग्बी, फुटबॉल, स्क्वैश, ट्रायथलॉन, वुशु, मॉडर्न पैंटालून, आइस हॉकी, आइस स्केटिंग, स्की एन्ड स्नोबोर्ड, हैंडबॉल, इक्वेस्ट्रियन, इंडियन गोल्फ यूनियन आदि शामिल हैं.
रजिस्टर्ड खेल संघों को ही लाभ: खेल परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ समय से राजस्थान में कुछ खेल संघों में विवाद की स्थिति बनी हुई है. इसके साथ ही कुछ ऐसे नए खेल संघ बन गए हैं जिनको इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने मान्यता नहीं दी है. ऐसे में जो खेल इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त होंगे, राजस्थान में सिर्फ उन्हें खेल संघों को अनुदान दिया जाएगा.




















