Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

प्राचार्य नीलम यादव को मिला राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, मेवात में बदल दी बालिका शिक्षा की तस्वीर

Oplus_0

अलवर. मेवात क्षेत्र में बालिका शिक्षा बड़ी सामाजिक चुनौती है. परंपरागत सोच, सामाजिक दबाव, छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में असुरक्षा की सोच ने वर्षों तक लड़कियों को स्कूल से दूर रखा, लेकिन प्राचार्य नीलम यादव ने अभिभावकों की यह सोच बदली और बालिकाओं की सुरक्षा का विश्वास जगा उन्हें शिक्षा से जोड़ने में सफलता पाई. पिछले चार वर्षों में सतत प्रयास कर राजकीय बालिका सीनियर सैंकडरी स्कूल टपूकड़ा में नामांकन 650 से अधिक बढ़ाया. मेवात में इस सामाजिक बदलाव के लिए प्राचार्य नीलम यादव अब शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के हाथों सम्मानित होंगी. नीलम अलवर ही नहीं राजस्थान में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से इस साल सम्मानित होने वाली अकेली शिक्षिका हैं.

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2025 के लिए राजस्थान से चयनित राजकीय बालिका सीनियर सैकंडरी विद्यालय टपूकड़ा की प्राचार्य नीलम यादव ने दिल्ली रवाना होने से पहले ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में बताया कि किसी भी शिक्षक का सपना सम्पूर्ण विद्यालय का होता है. नीलम यादव के मन में भी एक सम्पूर्ण विद्यालय का सपना था और जब वर्ष 2015 में उनकी पदोन्नति प्राचार्य पद पर हुई तो उन्होंने मेवात क्षेत्र में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सम्पूर्ण स्कूल बनाने के सपने को हकीकत बनाने की ठानी. उन्होंने बताया कि प्राचार्य के रूप में पहली पोस्टिंग टपूकड़ा की स्कूल के पुराने भवन में हुई, जो कि काफी छोटा था. बाद में उनका स्थानांतरण इशरोदा विद्यालय में हुआ, उस दौरान स्कूलों को ट्रेन लुक देने का चलन बढ़ रहा था. उन्होंने भी इसका एक वीडियो देखा, इसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपने निजी खर्च से स्कूल को ट्रेन लुक दिया. इसका असर यह हुआ कि ट्रेन लुक से मेवात के बच्चे भी प्रभावित हुए और बाद में उनके अभिभावक भी इस नवाचार को देखने के लिए स्कूल में आए और बच्चे जुड़ने लगे.

Advertisement Box

सीएसआर फंड से स्कूल का नया भवन बनवाया : प्राचार्य नीलम यादव ने बताया कि टपूकड़ा की राजकीय बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल छोटे से धर्मशालानुमा भवन में चलता था. बाद में प्रयास कर होंडा सीएसआर से सहयोग लेकर स्कूल का आधुनिक भवन तैयार किया गया. उन्होंने कहा कि शिक्षा के लिए इंफ्रास्टक्चर जरूरी है. वर्ष 2019-20 में स्कूल का यह शानदार भवन बनकर तैयार हुआ. इसके बाद 2021 में नए भवन में शिफ्टिंग की गई. बाद में मेवात में अभिभावकों को भरोसा दिया कि उनकी बेटियां स्कूल में सुरक्षित हैं. बालिकाओं की सुरक्षा के लिए सीएसआर फंड से दो सिक्योरिटी गार्ड नियुक्त किए. साथ ही ग्रामवासियों व स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने मोटर साइकिलों से छुट्टी के समय बालिकाओं की निगरानी की. साथ ही पूरे स्कूल कैंपस में सीसीटीवी लगवाए गए. इस कार्य में प्रशासन व विभाग ने भी पूरी मदद की, तब जाकर यह सफलता मिली. इसके अलावा स्कूल के स्टाफ ने साथ में पूरी मेहनत की, जिससे बेहतर परिणाम मिले.

मेवात में बालिका शिक्षा सदैव से चुनौती रहा : प्राचार्य यादव ने बताया कि बालिका शिक्षा के लिए मेवात सदैव से चुनौतीपूर्ण रहा है. मेवात में अपराध का माहौल होने के कारण लोग अपनी बेटियों को शिक्षा के लिए घरों से बाहर निकलना पसंद नहीं करते थे. लेकिन जब उन्होंने स्कूल के लिए शानदार भवन देखा, पढ़ाई का स्तर देखा और बच्चियों की सुरक्षा का वातावरण व परिणाम देखा तो अभिभावकों को अपनी बालिकाओं की सुरक्षा का भरोसा हुआ. उन्होंने बताया कि पैरेंटस टीचर मीटिंग में बालिकाओं के साथ ही उनके परिजनों की भी काउंसलिंग की जाती है. इन्हीं प्रयास का नतीजा है कि बालिकाओं ने शिक्षा में टॉपर बन स्कूल व मेवात का नाम रोशन किया. प्राचार्य नीलम ने बताया कि अब अभिभावकों में इस कदर भरोसा जागृत हुआ कि करीब 12 किलोमीटर दूर से भी बच्चियां स्कूल में पढ़ने आ रही हैं.

अध्ययन सुविधा में निजी स्कूलों को दे रही टक्कर : प्राचार्य नीलम यादव ने बताया कि उनकी स्कूल में विभागीय नियमानुसार जो भी बालिकाओं के लिए गतिविधियां होनी चाहिए, वे भी इस विद्यालय में संचालित की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल में डिजिटल लाइब्रेरी, नो बैग डे, डिजिटल लिट्रेसी, साइंस लैब, कम्प्यूटर शिक्षा, स्मार्ट क्लास आदि सुविधाएं मौजूद हैं. इन्हीं सुविधा के चलते स्कूल में कक्षा एक से 8 वीं तक विद्यार्थी डिजिटल लैब में टैबलेट से पढ़ाई करते हैं. उन्होंने कहा कि टीचर्स की कमी को डिजिटल लैब से पूरा किया गया, जहां बच्चे लैब में अपनी चीजें डिजिटल रूप से समझते हैं. इन्हीं नवाचार का नतीजा है कि नामांकन बढ़ा व परिणाम में सुधार आया. उन्होंने बताया कि छात्राओं को एआई तकनीक के बारे में दिलाई जा रही है.

प्राचार्य नीलम का इस कारण हुआ अवार्ड के लिए चयन : खैरथल-तिजारा जिले की राजकीय बालिका सीनियर सैकंडरी स्कूल टपूकड़ा की प्राचार्य नीलम यादव का वर्ष 2025 के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयन का आधार मेवात में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने, सरकारी स्कूल में इंफ्रास्टक्चर, बालिका नामांकन में बढ़ोतरी की दिशा में श्रेष्ठ कार्य के चलते किया गया है. नीलम यादव का राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए चयन न केवल अलवर जिला, बल्कि पूरे राजस्थान में अकेला है. यह पुरस्कार शिक्षक दिवस पर 5 सितम्बर को दिल्ली में राष्टपति द्रोपदी मुर्मु प्राचार्य नीलम को प्रदान करेंगी. पूरे देश से 50 शिक्षकों का शिक्षा के क्षेत्र में श्रेष्ठ उपलब्धि के लिए इस पुरस्कार के लिए चयन किया गया है.

1993 से नीलम ने शुरू किया शिक्षिका का सफर : प्राचार्य नीलम यादव ने वर्ष 1993 में द्वितीय श्रेणी साइंस टीचर के रूप में अपने सफर की शुरुआत की. बाद में 2004 में वे अंग्रेजी की व्याख्याता बनीं. वहीं 2015 में उनकी प्राचार्य पद पर पदोन्नति हुई. तभी से इस पद का दायित्व संभाल रही हैं. इस दौरान स्कूल में टीचर की कमी को देखते हुए उन्होंने अंग्रेजी की कक्षा भी ली. प्राचार्य नीलम यादव को स्कूल में नवाचार के साथ ही कविता लिखने का भी शौक रहा है.

Best Service Providers Near You
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Aries Rashifal
मेष
taurus Rashifal
वृषभ
gemini Rashifal
मिथुन
cancer Rashifal
कर्क
leo Rashifal
सिंह
virgo Rashifal
कन्या
libra Rashifal
तुला
scorpion Rashifal
वृश्चिक
sagittarius Rashifal
धनु
capricorn Rashifal
मकर
aquarius Rashifal
कुंभ
pisces Rashifal
मीन
Advertisement Box

और भी पढ़ें