उदयपुर : स्वतंत्रता दिवस पर उदयपुर के कोटड़ा थाना इलाके के पाथरपाड़ी गांव स्थित पीएमश्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में हुए हादसे पर त्वरित सख्ती दिखाते हुए शिक्षा विभाग ने कार्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए बड़ी कार्रवाई की है. हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए कार्यवाहक सहायक अभियंता हेमसिंह को तत्काल निलंबित कर दिया है. वहीं, संविदा पर कार्यरत सिविल कंसल्टेंट की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं. इसके अलावा निर्माण कार्य कर रही फर्म मैसर्स दिव्यांशी एंटरप्राइजेज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.
सरकार ने लिया एक्शन : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि विभाग ने घटना पर संज्ञान लेते हुए तुरंत एक्शन लिया है. घटना पर उच्च स्तरीय जांच भी चल रही है.कार्यवाहक सहायक अभियंता हेमसिंह को जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया है. जबकि संविदा पर कार्यरत सिविल कन्सलटेंट, कार्यालय ब्लॉक स्तरीय एकीकृत शिक्षा संकुल, कोटड़ा जिला उदयपुर की अनुबंध की सेवाएं राजकार्य में लापरवाही के चलते तुरंत प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही स्वीकृत निर्माण कार्य की संवदेक मैसर्स दिव्यांशी एन्टरप्राईजेज द्वारा किए गए निर्माण कार्य में लापरवाही के लिए संवेदक फर्म के विरूद्ध प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस कार्यवाही किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं.
कल गठित हुआ था हादसा : जिले के कोटड़ा थाना क्षेत्र के पाथर पाड़ी गांव में शुक्रवार निर्माणाधीन स्कूल का छज्जा गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया था. हादसे में एक बालिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई. घायल बालिका को परिजन इलाज के लिए गुजरात ले गए हैं. दोनों विद्यालय की छात्राएं नहीं हैं. निर्माणाधीन स्कूल में पढ़ाई भी नहीं हो रही थी. विद्यालय अन्यत्र संचालित है. छज्जे में लिंटा भराई ठीक से न करने और शटरिंग समय से पूर्व हटाने की वजह से हादसा घटित हुआ, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गयी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूल का निर्माण कार्य जारी था और भवन चालू नहीं हुआ था.
मृतका अपनी नानी के घर आई हुई थी. शुक्रवार सुबह वह अपनी सहेली के साथ शौच के लिए जा रही थी, तभी स्कूल के समीप से गुजरते वक्त अचानक छज्जा भरभराकर गिर पड़ा. मलबे में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बालिका घायल हो गई. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्कूल भवन के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे हादसा हुआ. उनका कहना है कि अगर स्कूल चालू होता तो बड़ा हादसा हो सकता था. फिलहाल पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद है और परिजनों को समझाइश की का रही है। ग्रामीणों में आक्रोश है.




















