जयपुर पुलिस ने 1.50 करोड़ रुपए की चोरी के मास्टर माइंड को गुरुवार रात अरेस्ट कर लिया है। बदमाश ने चोरी के रुपए से डंपर खरीदा और बैंक में गिरवी रखी पत्नी की ज्वेलरी छुड़वाई। पुलिस ने मामले में युवती समेत चार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
डीसीपी (नॉर्थ) करण शर्मा ने बताया- मामले में फरार मास्टर माइंड अभिषेक सिंह (27) निवासी मोजिका अल्टिका बिल्डिंग खोह नागोरियान को विद्याधर नगर पुलिस ने अरेस्ट किया।
बदमाश की पिछले सवा साल से तलाश की जा रही थी। पुलिस ने अभिषेक सिंह पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। वह हरियाणा, पश्चिमी बंगाल और उत्तराखंड में अपने छिपने के ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था।
3 दर्जन से अधिक बिल्डिंग को किया चैक बदमाश अभिषेक सिंह को पकड़ने के लिए SHO (विद्याधर नगर) राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में टीम लगाई गई थी। टेक्निकल क्यू डेवलप करने पर जगतपुरा स्थित बोम्बे हॉस्पिटल के पास आरोपी के फरारी काटने की जानकारी मिली। हॉस्पिटल के आस-पास करीब 3 दर्जन से अधिक बिल्डिंग को चेक किया गया। सर्च के दौरान मोजिका अल्टिका बिल्डिंग में छिपे मिले अभिषेक सिंह को पकड़ा गया।
गिरफ्तार मास्टर माइंड अभिषेक सिंह के खिलाफ हत्या, किडनैपिंग, आर्म्स एक्ट के करीब आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज है। पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने के साथ ही वारदात कर चकमा देने के लिए उसने यू-ट्यूब और सोशल साइट्स पर दर्जनों क्राइम सीरियल देखे।
कंपनी के CFO ने दर्ज कराया था मामला दरअसल, विद्याधर नगर थाने में ट्रांसफार्मर उत्पादन कंपनी में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) सज्जन कुमार छीपा ने 1.50 करोड़ की चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था- उनके ऑफिस स्टाफ विजय कुमार टांक जयपुर में भाटी कॉम्पलेक्स में रहता है। ऑफिस की अलमारी स्टाफ विजय के घर रखी हुई थी। इसमें ऑफिस के जरूरी डॉक्यूमेंट, स्टांप पेपर, चैक और 1.50 करोड़ कैश रखा था। 21 जून 2024 को विजय कुमार ने कॉल कर ऑफिस की अलमारी रात को चोरी होने के बारे में बताया।
चोरी के लिए युवती की दोस्ती कराई पुलिस जांच में सामने आया कि ऑफिस स्टाफ विजय की ओर से अलमारी में रखे कैश और सामान का वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजा जाता था। वीडियो में बड़ी संख्या में कैश रखा विजय के परिचित साहिल पीर ने देख लिया था। साहिल ने पैसे के बारे में अभिषेक सिंह को बताया।
अभिषेक ने चोरी और फरारी का प्री-प्लान बनाया। प्लान के तहत गैंग में एक युवती सहित चार साथियों को शामिल किया था। वारदात से करीब 15-20 दिन पहले गैंग में शामिल दीप्ति से ऑफिस स्टाफ विजय की दोस्ती करवाई। जिसके बाद युवती का उसके घर पर आना-जाना शुरू हो गया।
वारदात से पहले युवक को नशीला पदार्थ पिलाया 20 जून की रात करीब 10:30 बजे विजय के साथ दीप्ति उसके घर पर आई थी। धोखे से नशीला पदार्थ पिलाकर विजय को बेहोश कर दिया गया था। इसके बाद दीप्ति ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया था। साथी अलमारी को पिकअप में डालकर जगतपुरा ले गए।
वहां अलमारी को तोड़ा गया और उसमें रखे 1.50 करोड़ रुपए का आपस में बंटवारा कर फरार हो गए थे। CCTV फुटेज के आधार पर पीछा करते हुए पहुंची पुलिस टीम ने दबिश देकर युवती सहित चार आरोपियों को धर-दबोचा था। जिनके कब्जे से चोरी किए 63 लाख बरामद किए गए थे। वारदात में यूज पिकअप अभिषेक लेकर भाग गया था। जिसे उसने अपने भाई के घर खड़ी कर दी थी।
गैंग में शामिल प्रभाती देवी (26) निवासी मुकंदगढ़ झुंझुनूं, इमरान खान (36) निवासी रतन नगर चूरू, साहिल पीर उर्फ साहिल गाजी (24) निवासी फतेहपुर कोतवाली सीकर और अमित कुमार कस्वां उर्फ मित्तला (27) निवासी सदर चूरू को अरेस्ट किया गया था। गुरुवार रात मास्टर माइंड अभिषेक सिंह को भी अरेस्ट कर लिया गया। अब बाकी बदमाश से रुपए बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं




















