उदयपुर: सावन के पवित्र माह में उदयपुर शहर एक बार फिर शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है.शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है. खासकर रानी रोड स्थित महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी संख्या देखने को मिल रही है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर बने इस मंदिर में सावन के दौरान विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं, जिसमें हर सोमवार को भगवान महाकाल को विशेष रूप से नगर भ्रमण पर निकाला जाता है. महाकाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष चंद्रशेखर दाधीच ने जानकारी दी कि सावन के चारों सोमवार को भगवान महाकाल की विशेष झांकियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर धार्मिक भ्रमण कराया जाता है.यह परंपरा बीते कई वर्षों से चली आ रही है, जो अब शहरवासियों की गहरी आस्था का प्रतीक बन गई है.
सावन के पहले सोमवार को भगवान महाकाल को मंदिर परिसर में ही भव्य श्रृंगार के साथ विशेष पूजा-अर्चना करायी गई और इसके बाद मंदिर क्षेत्र में ही भ्रमण कराया गया. भक्तों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जयकारों की गूंज में भगवान का स्वागत किया. वहीं दूसरे सोमवार, यानी 21 जुलाई को भगवान को वन विहार कराया जाएगा. भक्तों के साथ भगवान की शोभायात्रा हरियाली से आच्छादित वन क्षेत्र तक जाएगी, जहां भक्तों द्वारा विशेष आरती और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा. तीसरे सोमवार को भगवान महाकाल को फतेहसागर झील के किनारे ले जाकर जल विहार की परंपरा निभाई जाएगी.इस आयोजन में भगवान की झांकी नौका विहार के रूप में निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होंगे. चौथे सोमवार, यानी 4 अगस्त को महाकाल नगर भ्रमण पर निकलेंगे. यह सबसे भव्य आयोजन होता है जिसमें शहर की गलियों से होकर भगवान की झांकी निकाली जाती है. इसमें विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां, शिवभक्ति गीतों के साथ भक्तों की लंबी कतारें शामिल रहती हैं. नगर भ्रमण का यह दृश्य पूरे शहर को भक्ति के रंग में रंग देता है




















